मृत्यु के पश्चात की यात्रा सफर  ( ज्ञान धारा )

मृत्यु के पश्चात की यात्रा सफर ( ज्ञान धारा )

इंसान मृत्यु के बाद शरीर को छोड कर अपने अगले गंतव्य की तरफ प्रस्तान करता है। जिस इंसान के जैसे … पढ़ना जारी रखें मृत्यु के पश्चात की यात्रा सफर ( ज्ञान धारा )

योगासन करने के लिए  नियम ( ज्ञान-धारा  )

योगासन करने के लिए नियम ( ज्ञान-धारा )

योगा सेहत को बनाए रखने और खराब अंगो को मजबूती देने के लिए एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। करोगे योग तो … पढ़ना जारी रखें योगासन करने के लिए नियम ( ज्ञान-धारा )

सुनी अँखियाँ बंजर जीवन ( सत्य कहानी )

सुनी अँखियाँ बंजर जीवन ( सत्य कहानी )

एक काश्मिरी पंडितो का परिवार जो रोजगार की तलाश मे निकला काशमिर छोड कर पहुचा राजस्थान सोचा रजवाडे मे कोई … पढ़ना जारी रखें सुनी अँखियाँ बंजर जीवन ( सत्य कहानी )

ईश्वर का रुप-रंग शास्त्रानुसार (धार्मिक लेख )

ईश्वर का रुप-रंग शास्त्रानुसार (धार्मिक लेख )

आप सबके मन मे यह उत्कंठा होगी की भगवान कैसे होते है। उनका रंग-रुप कैसा है। वास्तव मे भगवान को … पढ़ना जारी रखें ईश्वर का रुप-रंग शास्त्रानुसार (धार्मिक लेख )

राजस्थान का लोक-पारम्परिक त्यौहार गणगौर           ( धार्मिक लेख  )

राजस्थान का लोक-पारम्परिक त्यौहार गणगौर ( धार्मिक लेख )

भारत वर्ष मे बहुत से त्यौहार मनाए जाते है। जिसमे कई पुरे भारत मे और ऐसे त्यौहार होते है जो … पढ़ना जारी रखें राजस्थान का लोक-पारम्परिक त्यौहार गणगौर ( धार्मिक लेख )

सिखा गई  सीता जीना कैसे है इस दुनिया मे हमे                       ( काव्य रचना )

सिखा गई सीता जीना कैसे है इस दुनिया मे हमे ( काव्य रचना )

सिखा गई सीता जीना कैसे है इस दुनिया मे हमे, शिक्षिका थी महान, आर्दश अपने समझा गई। राजा के हो … पढ़ना जारी रखें सिखा गई सीता जीना कैसे है इस दुनिया मे हमे ( काव्य रचना )

वो चलाती गई और मै चलता गया ( काव्य रचना )

वो चलाती गई और मै चलता गया ( काव्य रचना )

वो ( जीन्दगी ) चलाती गई और मै चलता गया।अस्तित्व क्या है मेरा, ये बता पायेगा कौन भला। उन से … पढ़ना जारी रखें वो चलाती गई और मै चलता गया ( काव्य रचना )

सावँरा रे ओ सावँरा मन हुआ मोरा बावरा ( काव्य रचना )

सावँरा रे ओ सावँरा मन हुआ मोरा बावरा ( काव्य रचना )

सावँरा रे ओ सावँरा मोरा मन हुआ बावरा तोरी नटखट,भोली अदाओ पर ओ रे सावँरा। तेरे दर्शन को तरसे अँखिया … पढ़ना जारी रखें सावँरा रे ओ सावँरा मन हुआ मोरा बावरा ( काव्य रचना )

अशोक वाटिका मे सीता का रावण से संवाद व्याख्या  ( धार्मिक ज्ञानवर्धक लेख )

अशोक वाटिका मे सीता का रावण से संवाद व्याख्या ( धार्मिक ज्ञानवर्धक लेख )

तृन धरी ओट कहति वैदेहि, सुमिरी अवधपति परम स्नेही। भावार्थ जब रावण अशोक वाटिका मे आ कर सीता को भांति-भांति … पढ़ना जारी रखें अशोक वाटिका मे सीता का रावण से संवाद व्याख्या ( धार्मिक ज्ञानवर्धक लेख )

माता के नव-स्वरुप का वर्णन ( धार्मिक ज्ञान धारा )

माता के नव-स्वरुप का वर्णन ( धार्मिक ज्ञान धारा )

Originally posted on संस्कृति संगम:
प्रचीन शास्त्रो मे नारी के विभिन्न स्वभाव के अनुसार वर्गीकरण किया गया है। जिसे समुंद्र शास्त्र नामक… पढ़ना जारी रखें माता के नव-स्वरुप का वर्णन ( धार्मिक ज्ञान धारा )

समुंद्र शास्त्रानुसार नारियो का वर्गीकरण ( ज्ञानवर्धक लेख )

समुंद्र शास्त्रानुसार नारियो का वर्गीकरण ( ज्ञानवर्धक लेख )

प्रचीन शास्त्रो मे नारी के विभिन्न स्वभाव के अनुसार वर्गीकरण किया गया है। जिसे समुंद्र शास्त्र नामक ग्रन्थ मे विस्तरित्र … पढ़ना जारी रखें समुंद्र शास्त्रानुसार नारियो का वर्गीकरण ( ज्ञानवर्धक लेख )

ऐरी सखि ऋृतुराज बसंत आयो री ( काव्य रचना )

ऐरी सखि ऋृतुराज बसंत आयो री ( काव्य रचना )

ऐरी सखि ऋृतुराज बसंत आयो री। घर-घर उच्छव छायो री। ऐरी सखि ऋृतुराज बसंत आयो री। ऐरी सखि बसंत आयो … पढ़ना जारी रखें ऐरी सखि ऋृतुराज बसंत आयो री ( काव्य रचना )

हे अभयंकर,हे करुणाकर ( काव्य रचना )

हे अभयंकर,हे करुणाकर ( काव्य रचना )

हे अभयंकर,हे करुणाकर शिष तुम्हारे गंग की धारा। हे अभयंकर हे करुणाकर। गले मे सोहे भुजंग माला। हे अभयंकर,हे करुणाकर। … पढ़ना जारी रखें हे अभयंकर,हे करुणाकर ( काव्य रचना )

त्रिजटा का सपना ( स्वपन ) ( लेख रचना )

त्रिजटा का सपना ( स्वपन ) ( लेख रचना )

त्रिजटा नाम राच्छसी एका राम चरण रति निपून विवेका। सबन्हौ बोलि सुनाएसि सखि सपना। सीतही सई करुहु हीत अपना।। इस … पढ़ना जारी रखें त्रिजटा का सपना ( स्वपन ) ( लेख रचना )

अँगुलीमार ( ज्ञानवर्धक कहानी )

अँगुलीमार ( ज्ञानवर्धक कहानी )

कहानियाँ ऐसी जिसमे ज्ञान और प्रेरणा दोनो का समावेश हो, तो वह कहानी आदर्श होती है। ऐसी कहानियो को पढ … पढ़ना जारी रखें अँगुलीमार ( ज्ञानवर्धक कहानी )

राधा नही कृष्ण सखि कभी ( काव्य रचना )

राधा नही कृष्ण सखि कभी ( काव्य रचना )

राधा नही है कृष्ण सखि कभी। राधा नही है कृष्ण सखि कभी। मेने पुछा साँवरे से कि तुम्हारी प्रिया है … पढ़ना जारी रखें राधा नही कृष्ण सखि कभी ( काव्य रचना )

कौन हुँ मै हस्ति क्या मेरी  साँवरे— ( काव्य रचना )

कौन हुँ मै हस्ति क्या मेरी साँवरे— ( काव्य रचना )

कौन हुँ मै हस्ति क्या है मेरी साँवरे जान ना पाये है। माट्टी का पुतला है, माट्टी मे ही मिल … पढ़ना जारी रखें कौन हुँ मै हस्ति क्या मेरी साँवरे— ( काव्य रचना )

भए प्रकट कृपाला दीन दयाला ( काव्य रचना )

भए प्रकट कृपाला दीन दयाला ( काव्य रचना )

राम जी जब पैदा हुए तो उनके अदभूद रुप को देख माँ कौशलया विष्मित हो गई। आँखो से खुशी के … पढ़ना जारी रखें भए प्रकट कृपाला दीन दयाला ( काव्य रचना )

शिव के बारह ज्योतिरलिंगो के दर्शन,वर्णन

शिव के बारह ज्योतिरलिंगो के दर्शन,वर्णन

आज महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर एक नजर प्रसिद्ध बारह ज्योतिर्लिंगो के बारे मे तो चलीए दर्शन करने आईए … पढ़ना जारी रखें शिव के बारह ज्योतिरलिंगो के दर्शन,वर्णन

भला है, अकेलापन मतलबी दुनिया मे बेगानो की भीड से कही

भला है, अकेलापन मतलबी दुनिया मे बेगानो की भीड से कही

भला है, अकेलापन मतलबी दुनिया की भीड से। लोग कहते है,हो तुम अकेले । हम भी मुस्कुरा देते है, कहाँ … पढ़ना जारी रखें भला है, अकेलापन मतलबी दुनिया मे बेगानो की भीड से कही

मिट्टी मे दफन हिरा कदर तेरी कौन समझ पाया  ( काव्य रचना )

मिट्टी मे दफन हिरा कदर तेरी कौन समझ पाया ( काव्य रचना )

मिट्टी मे दफन हिरा, कदर तेरी समझ पाया है कौन। दुनिया की बेरहम नजरो ने तुझे, पत्थर ही तो बतलाया … पढ़ना जारी रखें मिट्टी मे दफन हिरा कदर तेरी कौन समझ पाया ( काव्य रचना )

सभ्यता कल,आज,कल ( विचारणीय  तथ्य )

सभ्यता कल,आज,कल ( विचारणीय तथ्य )

भारतीय सभ्यता सबसे पुरानी सभ्यता है। हमारी सभ्यता के साथ पनपी पुरानी सभी सभ्यता लगभग खत्म हो गई मगर, हमारी … पढ़ना जारी रखें सभ्यता कल,आज,कल ( विचारणीय तथ्य )

अभिज्ञान शाकुंतलम (शकुंतला की कहानी एक सच्ची प्रेम                                                                                                                                                       गाथा )

अभिज्ञान शाकुंतलम (शकुंतला की कहानी एक सच्ची प्रेम गाथा )

महाऋषि विश्वामित्र बहुत बडे तपस्वी थे उन्होने बहुत तप किए। उन्होने तप के बल से देवताओ के राजा इन्द्र को … पढ़ना जारी रखें अभिज्ञान शाकुंतलम (शकुंतला की कहानी एक सच्ची प्रेम गाथा )

श्री कृष्ण के मुखारविंद से निकली ज्ञानगंगा ( गीता )

श्री कृष्ण के मुखारविंद से निकली ज्ञानगंगा ( गीता )

भगवान श्री कृष्ण ने गीता मे मनुष्यो, प्राणी मात्र की भलाई के लिए बहुत से ज्ञानोपदेश तत्वो को उजागर किया … पढ़ना जारी रखें श्री कृष्ण के मुखारविंद से निकली ज्ञानगंगा ( गीता )

योगासन करने के लिए  नियम ( ज्ञान-धारा  )

योगासन करने के लिए नियम ( ज्ञान-धारा )

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योगा सेहत को बनाए रखने और खराब अंगो को मजबूती देने के लिए एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।… पढ़ना जारी रखें योगासन करने के लिए नियम ( ज्ञान-धारा )