मिट्टी मे दफन हिरा कदर तेरी कौन समझ पाया  ( काव्य रचना )

मिट्टी मे दफन हिरा कदर तेरी कौन समझ पाया ( काव्य रचना )

मिट्टी मे दफन हिरा, कदर तेरी समझ पाया है कौन। दुनिया की बेरहम नजरो ने तुझे, पत्थर ही तो बतलाया … पढ़ना जारी रखें मिट्टी मे दफन हिरा कदर तेरी कौन समझ पाया ( काव्य रचना )

सभ्यता कल,आज,कल ( विचारणीय  तथ्य )

सभ्यता कल,आज,कल ( विचारणीय तथ्य )

भारतीय सभ्यता सबसे पुरानी सभ्यता है। हमारी सभ्यता के साथ पनपी पुरानी सभी सभ्यता लगभग खत्म हो गई मगर, हमारी … पढ़ना जारी रखें सभ्यता कल,आज,कल ( विचारणीय तथ्य )

लौट चलो पथिक सुन नीड की चित्तकार

लौट चलो पथिक सुन नीड की चित्तकार

लौट चलो पथिक सुन नीड की चित्तकार। व्याकुल अधीर सा क्यो डोलता फिरे। मन बावले को टटोलता फिरे। व्यर्थ निहारता … पढ़ना जारी रखें लौट चलो पथिक सुन नीड की चित्तकार