सावँरा रे ओ सावँरा मन हुआ मोरा बावरा ( काव्य रचना )

सावँरा रे ओ सावँरा मन हुआ मोरा बावरा ( काव्य रचना )

सावँरा रे ओ सावँरा मोरा मन हुआ बावरा तोरी नटखट,भोली अदाओ पर ओ रे सावँरा। तेरे दर्शन को तरसे अँखिया … पढ़ना जारी रखें सावँरा रे ओ सावँरा मन हुआ मोरा बावरा ( काव्य रचना )