मिट्टी मे दफन हिरा कदर तेरी कौन समझ पाया  ( काव्य रचना )

मिट्टी मे दफन हिरा कदर तेरी कौन समझ पाया ( काव्य रचना )

मिट्टी मे दफन हिरा, कदर तेरी समझ पाया है कौन। दुनिया की बेरहम नजरो ने तुझे, पत्थर ही तो बतलाया … पढ़ना जारी रखें मिट्टी मे दफन हिरा कदर तेरी कौन समझ पाया ( काव्य रचना )