तुम चलो जो संग मे तो जी लू मै

तुम चलो जो संग मे तो जी लू मै

तुम चलो जो संग मे तो जी लू एक अद्द जीन्दगी मै। सृजन कर लू नई सष्टि मे खुबसुरत पल … पढ़ना जारी रखें तुम चलो जो संग मे तो जी लू मै

कौन हुँ मै हस्ति क्या मेरी  साँवरे— ( काव्य रचना )

कौन हुँ मै हस्ति क्या मेरी साँवरे— ( काव्य रचना )

कौन हुँ मै हस्ति क्या है मेरी साँवरे जान ना पाये है। माट्टी का पुतला है, माट्टी मे ही मिल … पढ़ना जारी रखें कौन हुँ मै हस्ति क्या मेरी साँवरे— ( काव्य रचना )