लौट चलो पथिक सुन नीड की चित्तकार

लौट चलो पथिक सुन नीड की चित्तकार

लौट चलो पथिक सुन नीड की चित्तकार। व्याकुल अधीर सा क्यो डोलता फिरे। मन बावले को टटोलता फिरे। व्यर्थ निहारता … पढ़ना जारी रखें लौट चलो पथिक सुन नीड की चित्तकार

राज रंजनी,विरह तरंगिनी,कौन हो तुम ( काव्य रचना )

राज रंजनी,विरह तरंगिनी,कौन हो तुम ( काव्य रचना )

राज रंजनी,विरह तरंगिनी कौन हो कौन हो तुम। चटक चाँदनी की धवलता लिए, मन को उदिगन किये मौन खडी हो … पढ़ना जारी रखें राज रंजनी,विरह तरंगिनी,कौन हो तुम ( काव्य रचना )