राज रंजनी,विरह तरंगिनी,कौन हो तुम ( काव्य रचना )

राज रंजनी,विरह तरंगिनी,कौन हो तुम ( काव्य रचना )

राज रंजनी,विरह तरंगिनी कौन हो कौन हो तुम। चटक चाँदनी की धवलता लिए, मन को उदिगन किये मौन खडी हो … पढ़ना जारी रखें राज रंजनी,विरह तरंगिनी,कौन हो तुम ( काव्य रचना )

वाॅह री नारी तेरी  बडी अजब है कहानी ( काव्य रचना )

वाॅह री नारी तेरी बडी अजब है कहानी ( काव्य रचना )

वाॅह री नारी तेरी बडी अजब है कहानी। देती दुसरो को सुख पर तेरी आँख मे है पानी (आँसु )। … पढ़ना जारी रखें वाॅह री नारी तेरी बडी अजब है कहानी ( काव्य रचना )