गैंहु व मूंग का खिचडा

भारतीय लोक-पारम्परिक भोजन मे कुछ भोजन सामग्री तल कर बनाए जाती है, कुछ उबाल कर बनाई जाती है, कुछ को पका कर बनाया जाता है। कई प्रकार के भोजन ऐसे है जिन्हे साबुत बिना कूटे बनाया जाता है। यह बहुत स्वादिष्ट व्यजंन होते है। इसी तरह गैंहु मूंग का खिचडा जो खाने मे बेहतरीन स्वाद लिये रहता है। इसे बनाने के लिए गैंहु व मूंग को साबुत उपयोग मे लाते है इस तरह के खिचडे को बनाने के लिए धान को कूटने की आवश्यकता नही रहती। तो चलिए आज हम गैंहु का स्वादिष्ट व पोष्टिकता से भरपुर गैंहु मूंग का खिचडा बनाते है।

गैंहु-मूंग का खिचडा बनाने के लिए सामग्री ———-

गैंहु के खिचडे को बनाने के लिए जिन सामग्री की जरुरत होती है वह है——

गैंहु साबुत साफ किये हुए ——- 200 ग्राम

मूंग साबुत साफ किये हुए——–50 ग्राम

शुद्ध देशी घी ——————— 50 से 100 ग्राम

पानी ————————— लगभग 2-3 लिटर पकाने के लिए

नमक ————————लगभग 2 टी स्पून

गैंहु मूंग का खिचडा

गैंहु का खिचडा बनाने की विधी ———-

गैंहु का खिचडा बनाने के लिए सबसे पहले गैंहु को छलनी या छाज मे डाल कर छान ले उसमे जो अशुद्धियाँ ( राईरा,तारामिरा,पत्थर ) आदि मिली हो उन्हे अलग कर दे। अब इन साफ गैंहु को पानी मे 5-6 घण्टे के लिए भिगो दे। सबसे अच्छा समय भिगोने के लिए रात को ही ठीक रहता है पुरी रात भर साबुत धान भिगा रहने पर अच्छे से नरम हो जाता है। दुसरी तरफ जब गैंहु भिग जाए तब 1-2 घण्टे के लिए मूंग साफ करके भिगो दे। इधर गैंहु को 3-4 बार पानी से भलिभांति धो लेवे। अब इन धुले गैंहु को छलनी से पानी निकाल लेवे और एक कपडा बिछा कर उस पर गैंहु को सुखने के लिए रखे ।

बस इतनी देर ही सुखाना है कि इन गैंहु से पानी सुख जाए। गैंहु को पुरा नही सुखाना है। जब गैंहु सुख जाए तब इन गैंहु को मिक्सी मे डाल कर घरसन कर लेवे ध्यान रहे मिक्सी पुरी नही चलानी केवल घरडना है यानि जूस बनाने वाले बटन को दबाना है। ऐसे कई बार घरड कर उसका खिलका ( फुस ) अलग होने लगेगा मगर गैंहु पिस कर चुरा नही बनेगा। जब गैंहु घरड लेवे तब एक थाली मे इन्हे डाल कर फटक कर इसका फुस निकाल लेवे और फिर 2-3 बार पानी से अच्छे से धो लेवे।इससे गैंहु पर लगे फुस हट जाएगे और गैंहु नरम बन जाएगा। गैंहु तैयार करने के बाद एक बरतन,कुकर मे गैंहु उबालने के लिए पानी को उबलने के लिए रख देवे।

जब पानी उबलने लगे तब इन गैंहु को उबलते पानी मे डाल कर पकने के लिए रखे। अगर खुले भगोने मे पक्का रहे है तो इसे बार बार सम्भालते रहे कही बरतन पर चिपके नही इसके लिए इसे कलछी से चलाते रहे।जब गैंहु अधकचरे हो जाए तब इसमे मूंग भी मिला दे और अब नमक व घी डाल कर इसे पकने देवे। बिच बिच मे इसे सम्भालते रहे। अगर गैंहु पकने मे समय हो और पानी खत्म होने वाला हो तो पानी गर्म करके इसमे मिला लेवे। जब गैंहु पक्क जाए तब इसे आँच से उतार कर रख लेवे। इसे जब भी खाए तब इसे गर्म ही परोसे और इसमे घी भी डाल लेवे।

विशेष ————

जब आप गैंहु का खिचडा बनाये तब यह पक्क गया यह जानने के लिए एक चम्मच की मदद से पक्कते हुए खिचडे से थोडा खिचडा चम्मच मे भर कर हाथ से इसे दबा कर देखे दबाने पर यह नरम लगता है इसका दाना घुल जाता है तब यह पुरी तरह पक्क चुका होता है।

इस खिचडे को गुड या चीनी के संग घी भी मिला कर इस खिचडे मे डाल कर खाए तो यह मिठ्ठा खिचडा भी खाने मे बेहतरीन लगता है।

खिचडा खाते समय इसमे इमली का पान्ना भी मिला लिया जाए तो इसका स्वाद और भी ज्यादा लगता है।

अगर खिचडा कुकर मे बनाए तब 6-7 सिटी लगवाए फिर भी कुछ कमी लगी तो थोडा और पक्का लेवे।

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