अपने अंगो से पहचाने अपना स्वभाव

हमारा शरीर हमे बहुत कुछ बताता है मगर हम इसके बारे मे जानकारी नही रखते सो पहचान नही पाते। हर इंसान की शारिरीक संरचना भिन्न होती है ठीक उसी प्रकार हर इंसान का स्वभाव भी भिन्न ही होता है।शरीर के अंग खुद ब्या करते है आपकी आदतो आपके स्वभाव को इस लिए हमे यह जरुर जानना चाहिए कि हमे हमारे शारिरीक संरचना मे क्या राज मिलते है खुद को पहचानने मे। आईए इसी पर कुछ चर्चा करे।

सबसे पहले हम अपने दोनो हाथ को एक दुसरे के पास लाकर अच्छे से खोल कर अपने सामने लाने है अंगुलियाँ एकदम सटी हुई जितना अंगुलियो को हम सिधा कर सकते है उन्हे सिधा करे फिर देखे। कि आपकी अंगुलियो मे छिद्र तो नही रहता अंगुलियाँ पास सटा कर खोलने पर अगर अं गुलियो मे छिद्र या कहे गेप नही रहता तो उतम इससे यह पता चलता है आप सोच समझ कर खर्चा करने वाले इंसान है फिजूल खर्ची मे धन नही गवाते और जितना धन कमाते है उसे सही तरीके से खर्च करते है और भविष्य के लिए धन का संग्रह भी करते है। इसके उल्ट अगर आपकी अंगुलियाँ सटा कर खोलने पर विथ खाली ( छिद्र ) जगह रहती है तो समझ जाए अपनी कमी कि आप फिजुल खर्जी करने वाले इंसान है जरुरत पडने पर धन लोगो से मांगना पड सकता है इस लिए आपको सम्भल जाना चाहिए बहुत सोच समझ कर खर्चा कर जितनी जरुरत हो उसमे भी सोच कर ही खर्चे क्योकि आप लोगो की कल्पनाए कभी समाप्त नही होती इस लिए खर्चे बढे रहते है।

अगर आप अपनी हथेली को पुरा खोल कर अंगुलियो को सटा कर विपरित दिशा यानि हथेली को पिछे की तरफ झुकाए हथेली पिछे झुकाते वक्त अगर आपकी अंगुलिया पिछे घुमते समय महराव बनाती है यानि अंगुलिया पिछे मुडने पर एक ढलान नुमा दिखती है तो आप कलाकार है आपमे कोई ना कोई प्रतिभा छुपी है बस अपनी उस प्रतिभा को खुद समझे उसे बाहर लाए दुनिया के सामने।जितना अधिक मोड लेगी अंगुलियाँ आपके भितर छुपा कलाप्रेम उतना ही अधिक गहरा होने की निशानी होगी। कला कोई भी हो पर आपमे कोई ना कोई कला से जुडाव अवश्य ही होगा। जैसे गाना,बजाना,नृत्य,अभिनय, चित्रकारी, कलाकृतिया बनाने का हुनर, कोई कराफ्ट आप कलावर्ग किसी ना किसी क्षेत्र से जुडाव रखते है।

आपके हाथ की अंगुलियाँ बहुत लम्बी है तो आप प्रवल दर्जे के वैज्ञानिक प्रवृति के इंसान है। आप सफल वैज्ञानिक,इंजिनियर,है नई खोज करना,सफल गणितज्ञ हो सकते है। आप दुनिया को कुछ नया अविष्कार देने की क्षमता रखते है। बस यह जरुरी है कि आपकी हथेली की तुलना मे अंगुलिया जरुरत से ज्यादा लम्बी होनी चाहिए तभी आप सफल वैज्ञानिक,सफल इंजिनियर हो सकते हो जो नई खोज कर सकने मे सक्षम हो।

जिन महिलाओ की हथेली को पुरी तरह खोलने पर और अंगुलियो को सिधा सटिक रखने पर विथ यानि छेद नजर ना आए वह महिला अपने पति के धन का अपव्यय नही करती ऐसी महिलाए पति के लिए भाग्यप्रद सावित होती है। फिजुल खर्च करने से बचती है । जिन महिलाओ की हथेली मे बहुत कम रेखाए हो यानि मुख्य रेखाओ जैसे जिवन रेखा भाग्य रेखा हद्धय रेखा,मष्तिक रेखा विवाह व संतान रेखा ही हो और इनके अलावा अन्य छोटी बडी आडी तिरछी एक दुसरे को काटती रेखाए नही है तो भाग्यशालिनी महिला होती है साथ हथेली की रंगत गुलाबीपन लिए चिकनी हथेली होनी चाहिए यह महिला भाग्यशाली होती है।

जब आप अपने हाथ के अंगुठे को पिछे मोडे और अंगुठा पिछे नही मुडता यानि 90 डिगरी का एंगल बनाए तो आप बहुत कंजूस है और हँसमुख स्वभाव नही है आपका आप 24 घण्टे एक तनावपूर्ण स्वभाव मे रहते है हँसी आपको कम ही छूती है। हर जगह कंजूसी बाते करने मे कम हिस्सा लेना धन खर्च से बचना जो धन पास आ गया तो हाथ से नही छुटने देना गांठबांध कर रख लेना या मजबुरी पडने पर ही खर्च करना यह स्वभाव आपमे हो सकता है। ऐसे इंसान एक रुपये खर्च करने की जरुर होने पर यह 50 पैसे खर्च करने पर भी दुखी होते है इनकी सोच यही रहती है कि यह 50 पैसे भी ना खर्चे या जैसे तैसे यह खर्च हुए 50 पैसे की वसूली कर ली जाए।

अगर हथेली का अंगुठा पिछे मोडने पर बहुत अधिक झूकाव ले लेता है तो आप बहुत फिजुल खर्च करते है। समय,धन, जुबान और दिमाग सब का आप अपव्यय करते है। जहाँ जरुरत नही वहाँ भी व्यर्थ खर्च करते चले जाते है। अगर बाते करने बैठ गए तो समय का कोई भान नही आप बातो मे मशगुल हो गए तो सब काम पिछे पडे रह जाते है इसी वजह आपका कोई काम समय पर कभी पुरा नही हो पाता। आप धन को दोनो हाथो से लुटाते है जहाँ खर्च नही करना होता वहाँ भी जरुरत से ज्यादा धन खर्च कर बैठते है इससे आपको धन की कमी का भी सामना करना पड सकता है जीवन मे कभी इस लिए अपनी इस खराब आदत को पहचान जाने पर सुधार करने की कोशिश करनी चाहिए नही तो कभी- कभी बहुत बडा नुकसान भी भोगना पड सकता है। व्यर्थ की लीडरशिप करना, हंगामे करना इन सब से आपको बचना चाहिए।इनको एक रुपये खर्च करने की जरुरत हो तो वहाँ सो रुपये खर्च करने मे भी नही हीचकिचाते व्यर्थ धन का अपव्यय करते है। ऐसे लोगो के घर सामान से लदा फदा रहता है अनावश्यक सामान भी खरीदते रहते है इनका घर तो घर कम मालगुदाम अधिक लगता है।

अगर आपकी हथेली मे अंगुठा पिछे मोडने पर पिछे मुड जाता है एक सामान्य सा झूकाव लेता हुआ मुडे यह स्थिति सही है इस तरह के अंगुढे जिन हथेलियो मे होते है वह संतुलित स्वभाव का होता है ना अधिक खर्चिला और ना अधिक कंजूस दोनो के बिच की स्थिति जिसमे जरुरत के अनुसार सब करता है यानि एक रुपये के खर्चे की जरुरत तो यह एक या सवा रपये तक खर्च करते है। समझदारी इनमे कूट कूट कर भरी होती है भविष्य के लिए धन जमा करके रखना इन्हे आता है। अपने काम को करने मे समय लगाते है व्यर्थ कि बातो मे समय जाया नही करते खाली समय का भी सदुपयोग करना इन्हे पसंद होता है इसी कारण हर समय कुछ ना कुछ काम करते रहते है खाली बैठना कम ही पसंद करते है। इसी लिए इस तरह के अंगुठे के मालिक भाग्यशाली संतुलित स्वभाव के धनी होते है। ऐसे लोगो के पास जरुरत की सभी वस्तुए उपलब्ध रहती है पर बैगार का सामान नही होता।

जिन इंसानो के पैर धड की तुलना मे बहुत अधिक लम्बे होते है ऐसे लोगो मे शनि ग्रह प्रबल होता है ऐसे लोगो को एक जरह टिक कर बैठना पसंद नही होता ये घुमने फिरने मे आनन्द महसूस करते है पैदल चलना इनका शोंक होता है और इनका चाल दुसरे लोगो की तुलना मे तेज होती है। इस तरह के लोग सफल धावक ( दौड प्रतियोगिता मे भाग लेने वाले ) होते है। काफी लम्बी दूरी तक पैदल चलने पर भी इन्हे थकान महसूस नही होती।

जिन लोगो की भुजाए ( बाहे )घड की तुलना मे अधिक लम्बी होती है। बहुत तेज बुद्धि के मालिक होते है तर्क शक्ति इनमे गजब की होती है। विवेक पूर्ण स्वभाव के धनी होते है यह लोग। इस तरह के लोग अधिकतर पढने लिखने यानि लेखन मे कार्य करने वाले होते है अच्छे वक्ता होते है। इस तरह के लोग अधिकतर मिडिया, लेखक वर्ग, दार्शनिक, आदि कार्यो मे सफल होते है।